सिविल सेवा · अपडेट 10/2026
UPSC नृविज्ञान वैकल्पिक विषय: सिलेबस और स्टडी प्लान
नृविज्ञान वैकल्पिक विषय में मेन्स के 250-250 अंकों के दो पेपर होते हैं, यानी 1,750 लिखित अंकों में से 500। नीचे आधिकारिक CSE सिलेबस की इकाइयाँ हैं, पहली बार पढ़ने के घंटों के साथ।
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परीक्षा पैटर्न एक नज़र में
- प्रश्नपत्र
- पेपर 1 और पेपर 2, 250-250 अंक, 3-3 घंटे, वर्णनात्मक
- गिनती
- अंतिम मेरिट (मेन्स के 1,750 लिखित अंकों में से 500)
- GS से जुड़ाव
- GS Paper 1
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अध्यायवार वेटेज और पढ़ाई के घंटे
वेटेज = पिछले प्रश्नपत्रों के प्रश्नों में अध्याय का हिस्सा, विषय के अंदर सामान्यीकृत; घंटे पहली बार पढ़ने के हैं, रिवीजन के बिना।
UPSC वैकल्पिक विषयों के लिए इकाईवार वेटेज जारी नहीं करता और पिछले प्रश्नपत्रों का बँटवारा भरोसेमंद नहीं है, इसलिए हर पेपर में सभी इकाइयों का हिस्सा बराबर रखा है।
प्रश्न पत्र 1 250 अंक · 187 घंटे
| # | अध्याय / टॉपिक | पेपर में हिस्सा (बराबर बँटवारा) | पढ़ाई के घंटे |
|---|---|---|---|
| 1 | नृविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र और विकास | 5.9% | 11 |
| 2 | मानव विकास और प्राइमेट | 5.9% | 11 |
| 3 | प्रागैतिहासिक पुरातत्व | 5.9% | 11 |
| 4 | संस्कृति और समाज की प्रकृति | 5.9% | 11 |
| 5 | विवाह, परिवार और नातेदारी | 5.9% | 11 |
| 6 | आर्थिक संगठन | 5.9% | 11 |
| 7 | राजनीतिक संगठन और सामाजिक नियंत्रण | 5.9% | 11 |
| 8 | धर्म | 5.9% | 11 |
| 9 | नृवैज्ञानिक सिद्धांत | 5.9% | 11 |
| 10 | संस्कृति, भाषा और संचार | 5.9% | 11 |
| 11 | अनुसंधान पद्धतियाँ | 5.9% | 11 |
| 12 | मानव आनुवंशिकी | 5.9% | 11 |
| 13 | प्रजाति, प्रजातिवाद और मानव विभिन्नता | 5.9% | 11 |
| 14 | पारिस्थितिक और जानपदिक नृविज्ञान (आनुवंशिक चिह्नक, अनुकूलन, स्वास्थ्य) | 5.9% | 11 |
| 15 | मानव वृद्धि और विकास | 5.9% | 11 |
| 16 | जनांकिकीय नृविज्ञान: प्रजननशीलता, मृत्यु दर और जनसंख्या सिद्धांत | 5.9% | 11 |
| 17 | अनुप्रयुक्त नृविज्ञान | 5.9% | 11 |
| कुल | 187 |
प्रश्न पत्र 2 250 अंक · 195 घंटे
| # | अध्याय / टॉपिक | पेपर में हिस्सा (बराबर बँटवारा) | पढ़ाई के घंटे |
|---|---|---|---|
| 1 | भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व | 7.7% | 15 |
| 2 | भारत से पुरा-नृवैज्ञानिक साक्ष्य (शिवालिक, नर्मदा) | 7.7% | 15 |
| 3 | भारत की जनांकिकीय रूपरेखा | 7.7% | 15 |
| 4 | पारंपरिक भारतीय सामाजिक व्यवस्था और जाति व्यवस्था | 7.7% | 15 |
| 5 | पवित्र मनोग्रंथि और भारतीय समाज पर धर्मों का प्रभाव | 7.7% | 15 |
| 6 | भारत में नृविज्ञान का उद्भव और विकास | 7.7% | 15 |
| 7 | भारतीय ग्राम, अल्पसंख्यक और सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन | 7.7% | 15 |
| 8 | भारत में जनजातीय स्थिति | 7.7% | 15 |
| 9 | जनजातीय समुदायों की समस्याएँ, विस्थापन और पुनर्वास | 7.7% | 15 |
| 10 | अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग: शोषण, संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन | 7.7% | 15 |
| 11 | नृजातीयता, जनजातीय आंदोलन, धर्म और जनजाति–राष्ट्र राज्य | 7.7% | 15 |
| 12 | जनजातीय प्रशासन, नीतियाँ, आदिम जनजातीय समूह और विकास | 7.7% | 15 |
| 13 | जनजातीय और ग्रामीण विकास में नृविज्ञान की भूमिका | 7.7% | 15 |
| कुल | 195 |
पहले हफ़्ते का एक नमूना प्लान
ऊपर के वेटेज से बना, रोज़ 6 घंटे वाला पहला हफ़्ता: हर विषय को उसके अंकों के अनुपात में सत्र मिलते हैं, सबसे भारी अध्यायों से शुरुआत, और किसी दिन सिर्फ़ एक विषय नहीं। ऐप में असली प्लान आपके अपने घंटों और परीक्षा की तारीख़ के हिसाब से बनता है।
| दिन | सत्र 1 (2 घंटे) | सत्र 2 (2 घंटे) | सत्र 3 (2 घंटे) |
|---|---|---|---|
| सोम | प्रश्न पत्र 1नृविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र और विकास | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व | प्रश्न पत्र 1नृविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र और विकास (जारी) |
| मंगल | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व (जारी) | प्रश्न पत्र 1नृविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र और विकास (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व (जारी) |
| बुध | प्रश्न पत्र 1नृविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र और विकास (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व (जारी) | प्रश्न पत्र 1नृविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र और विकास (जारी) |
| गुरु | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व (जारी) | प्रश्न पत्र 1नृविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र और विकास (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व (जारी) |
| शुक्र | प्रश्न पत्र 1मानव विकास और प्राइमेट | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व (जारी) | प्रश्न पत्र 1मानव विकास और प्राइमेट (जारी) |
| शनि | प्रश्न पत्र 2भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व (जारी) | प्रश्न पत्र 1मानव विकास और प्राइमेट (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारत से पुरा-नृवैज्ञानिक साक्ष्य (शिवालिक, नर्मदा) |
| रवि | इस हफ़्ते के अध्याय दोहराएँ, एक समयबद्ध मॉक या सेक्शनल टेस्ट दें और अंक दर्ज करें। | ||
Daily Tayyari आपका दिन कैसे प्लान करता है
परीक्षा और तारीख़ चुनें
परीक्षा (और GATE पेपर या UPSC वैकल्पिक विषय) और परीक्षा की तारीख़ चुनें। ऊपर दिए सभी अध्यायों के साथ पूरा आधिकारिक सिलेबस अपने-आप जुड़ जाता है।
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आज के काम देखें
हर सुबह कामों की छोटी सूची मिलती है: अंकों के वेटेज के हिसाब से नए अध्याय, साथ में अभ्यास और रिवीजन, आपके दिन के हिसाब से।
अपने-आप स्पेस्ड रिवीजन
पूरे हुए अध्याय 1, 3, 7, 15, 30 और 60 दिन बाद लौटते हैं, और अध्याय कठिन लगे तो और जल्दी।
हरा, पीला, लाल स्टेटस
एक नज़र में दिखे कि तैयारी सही रफ़्तार पर है, थोड़ी पीछे है या पीछे, और असली रफ़्तार से सिलेबस कब तक पूरा होगा।
मॉक टेस्ट ट्रैकिंग
किसी भी टेस्ट सीरीज़ के अंक दर्ज करें। जो अध्याय ठीक नहीं गए, वे कमज़ोर मार्क होकर जल्दी रिवीजन में आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UPSC नृविज्ञान वैकल्पिक में सबसे ज़्यादा वेटेज वाले अध्याय कौन-से हैं?
हमारे संकलित वेटेज के अनुसार सबसे भारी अध्याय हैं: भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास; नृजाति-पुरातत्व, भारत से पुरा-नृवैज्ञानिक साक्ष्य (शिवालिक, नर्मदा), भारत की जनांकिकीय रूपरेखा, पारंपरिक भारतीय सामाजिक व्यवस्था और जाति व्यवस्था, पवित्र मनोग्रंथि और भारतीय समाज पर धर्मों का प्रभाव। इन्हें जल्दी शुरू करना फ़ायदेमंद है, लेकिन हर साल प्रश्नपत्र बदलता है, इसलिए पूरा सिलेबस कवर करने की योजना रखें।
क्या यह UPSC नृविज्ञान वैकल्पिक वेटेज आधिकारिक है?
नहीं। UPSC सिलेबस जारी करता है, अध्यायवार वेटेज नहीं। ये आँकड़े पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता तय करने का संकेत मानें, यह गारंटी नहीं कि यही पूछा जाएगा।
UPSC नृविज्ञान वैकल्पिक का सिलेबस पूरा करने में कितने घंटे लगते हैं?
हमारे अनुमान से पहली बार पढ़ने में लगभग 380 घंटे लगते हैं, रिवीजन और मॉक टेस्ट इसके अलावा हैं। रोज़ 6 घंटे, हफ़्ते में 6 दिन के हिसाब से यह लगभग 2.4 महीने है। पहले एक-दो हफ़्ते के बाद Daily Tayyari इन अनुमानों को आपकी असली रफ़्तार से बदल देता है।
क्या नृविज्ञान वैकल्पिक विषय सामान्य अध्ययन से जुड़ता है?
आंशिक रूप से: यह GS Paper 1 में मदद करता है। Daily Tayyari साझा तैयारी एक बार गिनता है, जिससे उत्तर-लेखन के लिए समय बचता है।
क्या किसी भी विषय में स्नातक होने पर यह वैकल्पिक विषय चुना जा सकता है?
हाँ। UPSC स्नातक के विषय से अलग भी सूची का कोई भी वैकल्पिक विषय चुनने देता है। आमतौर पर रुचि, उपलब्ध सामग्री और GS से जुड़ाव से फ़ैसला होता है।
क्या Daily Tayyari मुफ़्त है और हिंदी में चलता है?
हाँ। यह मुफ़्त है, न विज्ञापन, न पेमेंट; Google से साइन-इन सिर्फ़ इसलिए ताकि आपका प्लान सेव रहे। भाषा कभी भी हिंदी या English में बदली जा सकती है, और अध्यायों के नाम दोनों भाषाओं में दिखते हैं।