सिविल सेवा · अपडेट 10/2026
UPSC इतिहास वैकल्पिक विषय: सिलेबस और स्टडी प्लान
इतिहास वैकल्पिक विषय में मेन्स के 250-250 अंकों के दो पेपर होते हैं, यानी 1,750 लिखित अंकों में से 500। नीचे आधिकारिक CSE सिलेबस की इकाइयाँ हैं, पहली बार पढ़ने के घंटों के साथ।
मेरा मुफ़्त रोज़ का प्लान पाएँमुफ़्त · हिंदी + English · कोई विज्ञापन नहीं
परीक्षा पैटर्न एक नज़र में
- प्रश्नपत्र
- पेपर 1 और पेपर 2, 250-250 अंक, 3-3 घंटे, वर्णनात्मक
- गिनती
- अंतिम मेरिट (मेन्स के 1,750 लिखित अंकों में से 500)
- GS से जुड़ाव
- GS Paper 1
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अध्यायवार वेटेज और पढ़ाई के घंटे
वेटेज = पिछले प्रश्नपत्रों के प्रश्नों में अध्याय का हिस्सा, विषय के अंदर सामान्यीकृत; घंटे पहली बार पढ़ने के हैं, रिवीजन के बिना।
UPSC वैकल्पिक विषयों के लिए इकाईवार वेटेज जारी नहीं करता और पिछले प्रश्नपत्रों का बँटवारा भरोसेमंद नहीं है, इसलिए हर पेपर में सभी इकाइयों का हिस्सा बराबर रखा है।
प्रश्न पत्र 1 250 अंक · 192 घंटे
| # | अध्याय / टॉपिक | पेपर में हिस्सा (बराबर बँटवारा) | पढ़ाई के घंटे |
|---|---|---|---|
| 1 | स्रोत | 4.2% | 8 |
| 2 | प्रागैतिहास और आद्य इतिहास | 4.2% | 8 |
| 3 | सिंधु घाटी सभ्यता | 4.2% | 8 |
| 4 | महापाषाण संस्कृतियाँ | 4.2% | 8 |
| 5 | आर्य और वैदिक काल | 4.2% | 8 |
| 6 | महाजनपद काल | 4.2% | 8 |
| 7 | मौर्य साम्राज्य | 4.2% | 8 |
| 8 | मौर्योत्तर काल (हिंद-यवन, शक, कुषाण, पश्चिमी क्षत्रप) | 4.2% | 8 |
| 9 | पूर्वी भारत, दक्कन और दक्षिण भारत में आरंभिक राज्य और समाज | 4.2% | 8 |
| 10 | गुप्त, वाकाटक और वर्धन | 4.2% | 8 |
| 11 | गुप्तकालीन क्षेत्रीय राज्य | 4.2% | 8 |
| 12 | आरंभिक भारतीय सांस्कृतिक इतिहास के विषय | 4.2% | 8 |
| 13 | आरंभिक मध्यकालीन भारत, 750-1200 | 4.2% | 8 |
| 14 | भारत की सांस्कृतिक परंपराएँ, 750-1200 | 4.2% | 8 |
| 15 | तेरहवीं शताब्दी (दिल्ली सल्तनत) | 4.2% | 8 |
| 16 | चौदहवीं शताब्दी (खलजी, तुगलक) | 4.2% | 8 |
| 17 | 13वीं-14वीं शताब्दी में समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था | 4.2% | 8 |
| 18 | 15वीं और आरंभिक 16वीं शताब्दी: राजनीतिक घटनाक्रम और अर्थव्यवस्था | 4.2% | 8 |
| 19 | 15वीं और आरंभिक 16वीं शताब्दी: समाज और संस्कृति | 4.2% | 8 |
| 20 | अकबर | 4.2% | 8 |
| 21 | 17वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य | 4.2% | 8 |
| 22 | 16वीं और 17वीं शताब्दी में अर्थव्यवस्था और समाज | 4.2% | 8 |
| 23 | मुगल साम्राज्य के दौरान संस्कृति | 4.2% | 8 |
| 24 | अठारहवीं शताब्दी | 4.2% | 8 |
| कुल | 192 |
प्रश्न पत्र 2 250 अंक · 189 घंटे
| # | अध्याय / टॉपिक | पेपर में हिस्सा (बराबर बँटवारा) | पढ़ाई के घंटे |
|---|---|---|---|
| 1 | भारत में यूरोपीय प्रवेश | 3.7% | 7 |
| 2 | भारत में ब्रिटिश विस्तार | 3.7% | 7 |
| 3 | ब्रिटिश राज की प्रारंभिक संरचना | 3.7% | 7 |
| 4 | ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक प्रभाव | 3.7% | 7 |
| 5 | सामाजिक और सांस्कृतिक विकास | 3.7% | 7 |
| 6 | सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन | 3.7% | 7 |
| 7 | ब्रिटिश शासन के प्रति भारत की अनुक्रिया (किसान और जनजातीय विद्रोह, 1857) | 3.7% | 7 |
| 8 | भारतीय राष्ट्रवाद का जन्म, आरंभिक कांग्रेस, स्वदेशी | 3.7% | 7 |
| 9 | गांधी का उदय और 1947 तक के गांधीवादी आंदोलन | 3.7% | 7 |
| 10 | संवैधानिक विकास, 1858-1935 | 3.7% | 7 |
| 11 | अन्य धाराएँ: क्रांतिकारी और वामपंथ | 3.7% | 7 |
| 12 | अलगाववाद की राजनीति, विभाजन और स्वतंत्रता | 3.7% | 7 |
| 13 | एक राष्ट्र के रूप में सुदृढ़ीकरण (नेहरू की विदेश नीति, राज्यों का पुनर्गठन, रियासतें) | 3.7% | 7 |
| 14 | 1947 के बाद जाति और नृजातीयता, दलित आंदोलन | 3.7% | 7 |
| 15 | 1947 के बाद आर्थिक विकास और राजनीतिक परिवर्तन | 3.7% | 7 |
| 16 | प्रबोधन और आधुनिक विचार | 3.7% | 7 |
| 17 | आधुनिक राजनीति के मूल स्रोत | 3.7% | 7 |
| 18 | औद्योगीकरण | 3.7% | 7 |
| 19 | राष्ट्र-राज्य प्रणाली | 3.7% | 7 |
| 20 | साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद | 3.7% | 7 |
| 21 | क्रांति और प्रतिक्रांति | 3.7% | 7 |
| 22 | विश्व युद्ध | 3.7% | 7 |
| 23 | द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का विश्व | 3.7% | 7 |
| 24 | औपनिवेशिक शासन से मुक्ति | 3.7% | 7 |
| 25 | विउपनिवेशीकरण और अल्पविकास | 3.7% | 7 |
| 26 | यूरोप का एकीकरण | 3.7% | 7 |
| 27 | सोवियत संघ का विघटन और एकध्रुवीय विश्व का उदय | 3.7% | 7 |
| कुल | 189 |
पहले हफ़्ते का एक नमूना प्लान
ऊपर के वेटेज से बना, रोज़ 6 घंटे वाला पहला हफ़्ता: हर विषय को उसके अंकों के अनुपात में सत्र मिलते हैं, सबसे भारी अध्यायों से शुरुआत, और किसी दिन सिर्फ़ एक विषय नहीं। ऐप में असली प्लान आपके अपने घंटों और परीक्षा की तारीख़ के हिसाब से बनता है।
| दिन | सत्र 1 (2 घंटे) | सत्र 2 (2 घंटे) | सत्र 3 (2 घंटे) |
|---|---|---|---|
| सोम | प्रश्न पत्र 1स्रोत | प्रश्न पत्र 2भारत में यूरोपीय प्रवेश | प्रश्न पत्र 1स्रोत (जारी) |
| मंगल | प्रश्न पत्र 2भारत में यूरोपीय प्रवेश (जारी) | प्रश्न पत्र 1स्रोत (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारत में यूरोपीय प्रवेश (जारी) |
| बुध | प्रश्न पत्र 1स्रोत (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारत में यूरोपीय प्रवेश (जारी) | प्रश्न पत्र 1प्रागैतिहास और आद्य इतिहास |
| गुरु | प्रश्न पत्र 2भारत में ब्रिटिश विस्तार | प्रश्न पत्र 1प्रागैतिहास और आद्य इतिहास (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारत में ब्रिटिश विस्तार (जारी) |
| शुक्र | प्रश्न पत्र 1प्रागैतिहास और आद्य इतिहास (जारी) | प्रश्न पत्र 2भारत में ब्रिटिश विस्तार (जारी) | प्रश्न पत्र 1प्रागैतिहास और आद्य इतिहास (जारी) |
| शनि | प्रश्न पत्र 2भारत में ब्रिटिश विस्तार (जारी) | प्रश्न पत्र 1सिंधु घाटी सभ्यता | प्रश्न पत्र 2ब्रिटिश राज की प्रारंभिक संरचना |
| रवि | इस हफ़्ते के अध्याय दोहराएँ, एक समयबद्ध मॉक या सेक्शनल टेस्ट दें और अंक दर्ज करें। | ||
Daily Tayyari आपका दिन कैसे प्लान करता है
परीक्षा और तारीख़ चुनें
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आज के काम देखें
हर सुबह कामों की छोटी सूची मिलती है: अंकों के वेटेज के हिसाब से नए अध्याय, साथ में अभ्यास और रिवीजन, आपके दिन के हिसाब से।
अपने-आप स्पेस्ड रिवीजन
पूरे हुए अध्याय 1, 3, 7, 15, 30 और 60 दिन बाद लौटते हैं, और अध्याय कठिन लगे तो और जल्दी।
हरा, पीला, लाल स्टेटस
एक नज़र में दिखे कि तैयारी सही रफ़्तार पर है, थोड़ी पीछे है या पीछे, और असली रफ़्तार से सिलेबस कब तक पूरा होगा।
मॉक टेस्ट ट्रैकिंग
किसी भी टेस्ट सीरीज़ के अंक दर्ज करें। जो अध्याय ठीक नहीं गए, वे कमज़ोर मार्क होकर जल्दी रिवीजन में आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UPSC इतिहास वैकल्पिक में सबसे ज़्यादा वेटेज वाले अध्याय कौन-से हैं?
हमारे संकलित वेटेज के अनुसार सबसे भारी अध्याय हैं: स्रोत, प्रागैतिहास और आद्य इतिहास, सिंधु घाटी सभ्यता, महापाषाण संस्कृतियाँ, आर्य और वैदिक काल। इन्हें जल्दी शुरू करना फ़ायदेमंद है, लेकिन हर साल प्रश्नपत्र बदलता है, इसलिए पूरा सिलेबस कवर करने की योजना रखें।
क्या यह UPSC इतिहास वैकल्पिक वेटेज आधिकारिक है?
नहीं। UPSC सिलेबस जारी करता है, अध्यायवार वेटेज नहीं। ये आँकड़े पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता तय करने का संकेत मानें, यह गारंटी नहीं कि यही पूछा जाएगा।
UPSC इतिहास वैकल्पिक का सिलेबस पूरा करने में कितने घंटे लगते हैं?
हमारे अनुमान से पहली बार पढ़ने में लगभग 380 घंटे लगते हैं, रिवीजन और मॉक टेस्ट इसके अलावा हैं। रोज़ 6 घंटे, हफ़्ते में 6 दिन के हिसाब से यह लगभग 2.4 महीने है। पहले एक-दो हफ़्ते के बाद Daily Tayyari इन अनुमानों को आपकी असली रफ़्तार से बदल देता है।
क्या इतिहास वैकल्पिक विषय सामान्य अध्ययन से जुड़ता है?
आंशिक रूप से: यह GS Paper 1 में मदद करता है। Daily Tayyari साझा तैयारी एक बार गिनता है, जिससे उत्तर-लेखन के लिए समय बचता है।
क्या किसी भी विषय में स्नातक होने पर यह वैकल्पिक विषय चुना जा सकता है?
हाँ। UPSC स्नातक के विषय से अलग भी सूची का कोई भी वैकल्पिक विषय चुनने देता है। आमतौर पर रुचि, उपलब्ध सामग्री और GS से जुड़ाव से फ़ैसला होता है।
क्या Daily Tayyari मुफ़्त है और हिंदी में चलता है?
हाँ। यह मुफ़्त है, न विज्ञापन, न पेमेंट; Google से साइन-इन सिर्फ़ इसलिए ताकि आपका प्लान सेव रहे। भाषा कभी भी हिंदी या English में बदली जा सकती है, और अध्यायों के नाम दोनों भाषाओं में दिखते हैं।