सिविल सेवा · अपडेट 10/2026
UPSC मलयालम साहित्य वैकल्पिक विषय: सिलेबस और स्टडी प्लान
मलयालम साहित्य वैकल्पिक विषय में मेन्स के 250-250 अंकों के दो पेपर होते हैं, यानी 1,750 लिखित अंकों में से 500। नीचे आधिकारिक CSE सिलेबस की इकाइयाँ हैं, पहली बार पढ़ने के घंटों के साथ।
मेरा मुफ़्त रोज़ का प्लान पाएँमुफ़्त · हिंदी + English · कोई विज्ञापन नहीं
परीक्षा पैटर्न एक नज़र में
- प्रश्नपत्र
- पेपर 1 और पेपर 2, 250-250 अंक, 3-3 घंटे, वर्णनात्मक
- गिनती
- अंतिम मेरिट (मेन्स के 1,750 लिखित अंकों में से 500)
- GS से जुड़ाव
- सीधा जुड़ाव कम
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अध्यायवार वेटेज और पढ़ाई के घंटे
वेटेज = पिछले प्रश्नपत्रों के प्रश्नों में अध्याय का हिस्सा, विषय के अंदर सामान्यीकृत; घंटे पहली बार पढ़ने के हैं, रिवीजन के बिना।
UPSC वैकल्पिक विषयों के लिए इकाईवार वेटेज जारी नहीं करता और पिछले प्रश्नपत्रों का बँटवारा भरोसेमंद नहीं है, इसलिए हर पेपर में सभी इकाइयों का हिस्सा बराबर रखा है।
प्रश्न पत्र 1 250 अंक · 198 घंटे
| # | अध्याय / टॉपिक | पेपर में हिस्सा (बराबर बँटवारा) | पढ़ाई के घंटे |
|---|---|---|---|
| 1 | खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय | 17% | 33 |
| 2 | खंड क: मणिप्रवालम, लोक गाथा और प्रारंभिक मलयालम गद्य | 17% | 33 |
| 3 | खंड क: मानकीकरण: पाना, किळिप्पाट्टु, तुळ्ळल; मिशनरी; समकालीन मलयालम | 17% | 33 |
| 4 | खंड ख: प्राचीन और मध्ययुगीन साहित्य | 17% | 33 |
| 5 | खंड ख: आधुनिक कविता: वेण्मणि कवि, कवित्रय, कवित्रयोत्तर, आधुनिकतावाद | 17% | 33 |
| 6 | खंड ख: आधुनिक गद्य: नाटक, उपन्यास, कहानी, जीवनी, यात्रा-वर्णन, निबंध, समालोचना | 17% | 33 |
| कुल | 198 |
प्रश्न पत्र 2 250 अंक · 204 घंटे
| # | अध्याय / टॉपिक | पेपर में हिस्सा (बराबर बँटवारा) | पढ़ाई के घंटे |
|---|---|---|---|
| 1 | खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु | 17% | 34 |
| 2 | खंड क भाग 2: कुमारन आशान; वैलोप्पिल्ली; जी. शंकर कुरुप; एन.वी. कृष्ण वारियर | 17% | 34 |
| 3 | खंड क भाग 3: ओ.एन.वी.; अय्यप्प पणिक्कर; अक्कित्तम; आट्टूर रविवर्मा | 17% | 34 |
| 4 | खंड ख भाग 4: इंदुलेखा (चंदु मेनन); चेम्मीन (तकषी); खसाक्किन्टे इतिहासम् (ओ.वी. विजयन) | 17% | 34 |
| 5 | खंड ख भाग 5: वानप्रस्थम् (एम.टी. वासुदेवन नायर); हिग्विटा (एन.एस. माधवन); 1128-इल क्राइम 27 (सी.जे. थॉमस) | 17% | 34 |
| 6 | खंड ख भाग 6: भारतपर्यटनम् (कुट्टिकृष्ण मारार); नक्षत्रङ्गळुटे स्नेहभाजनम् (एम.के. सानु); कण्णीरुम किनावुम (वी.टी. भट्टतिरिप्पाड) | 17% | 34 |
| कुल | 204 |
पहले हफ़्ते का एक नमूना प्लान
ऊपर के वेटेज से बना, रोज़ 6 घंटे वाला पहला हफ़्ता: हर विषय को उसके अंकों के अनुपात में सत्र मिलते हैं, सबसे भारी अध्यायों से शुरुआत, और किसी दिन सिर्फ़ एक विषय नहीं। ऐप में असली प्लान आपके अपने घंटों और परीक्षा की तारीख़ के हिसाब से बनता है।
| दिन | सत्र 1 (2 घंटे) | सत्र 2 (2 घंटे) | सत्र 3 (2 घंटे) |
|---|---|---|---|
| सोम | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) |
| मंगल | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) |
| बुध | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) |
| गुरु | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) |
| शुक्र | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) |
| शनि | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) | प्रश्न पत्र 1खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय (जारी) | प्रश्न पत्र 2खंड क भाग 1: रामचरितम्; कण्णश्श रामायणम्; उण्णुनीलि संदेशम्; महाभारतम् किळिप्पाट्टु (जारी) |
| रवि | इस हफ़्ते के अध्याय दोहराएँ, एक समयबद्ध मॉक या सेक्शनल टेस्ट दें और अंक दर्ज करें। | ||
Daily Tayyari आपका दिन कैसे प्लान करता है
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हर सुबह कामों की छोटी सूची मिलती है: अंकों के वेटेज के हिसाब से नए अध्याय, साथ में अभ्यास और रिवीजन, आपके दिन के हिसाब से।
अपने-आप स्पेस्ड रिवीजन
पूरे हुए अध्याय 1, 3, 7, 15, 30 और 60 दिन बाद लौटते हैं, और अध्याय कठिन लगे तो और जल्दी।
हरा, पीला, लाल स्टेटस
एक नज़र में दिखे कि तैयारी सही रफ़्तार पर है, थोड़ी पीछे है या पीछे, और असली रफ़्तार से सिलेबस कब तक पूरा होगा।
मॉक टेस्ट ट्रैकिंग
किसी भी टेस्ट सीरीज़ के अंक दर्ज करें। जो अध्याय ठीक नहीं गए, वे कमज़ोर मार्क होकर जल्दी रिवीजन में आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UPSC मलयालम साहित्य वैकल्पिक में सबसे ज़्यादा वेटेज वाले अध्याय कौन-से हैं?
हमारे संकलित वेटेज के अनुसार सबसे भारी अध्याय हैं: खंड क: प्रारंभिक अवस्था: उद्भव के सिद्धांत, तमिल-मलयालम संबंध, पाट्टु संप्रदाय, खंड क: मणिप्रवालम, लोक गाथा और प्रारंभिक मलयालम गद्य, खंड क: मानकीकरण: पाना, किळिप्पाट्टु, तुळ्ळल; मिशनरी; समकालीन मलयालम, खंड ख: प्राचीन और मध्ययुगीन साहित्य, खंड ख: आधुनिक कविता: वेण्मणि कवि, कवित्रय, कवित्रयोत्तर, आधुनिकतावाद। इन्हें जल्दी शुरू करना फ़ायदेमंद है, लेकिन हर साल प्रश्नपत्र बदलता है, इसलिए पूरा सिलेबस कवर करने की योजना रखें।
क्या यह UPSC मलयालम साहित्य वैकल्पिक वेटेज आधिकारिक है?
नहीं। UPSC सिलेबस जारी करता है, अध्यायवार वेटेज नहीं। ये आँकड़े पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता तय करने का संकेत मानें, यह गारंटी नहीं कि यही पूछा जाएगा।
UPSC मलयालम साहित्य वैकल्पिक का सिलेबस पूरा करने में कितने घंटे लगते हैं?
हमारे अनुमान से पहली बार पढ़ने में लगभग 400 घंटे लगते हैं, रिवीजन और मॉक टेस्ट इसके अलावा हैं। रोज़ 6 घंटे, हफ़्ते में 6 दिन के हिसाब से यह लगभग 2.6 महीने है। पहले एक-दो हफ़्ते के बाद Daily Tayyari इन अनुमानों को आपकी असली रफ़्तार से बदल देता है।
क्या मलयालम साहित्य वैकल्पिक विषय सामान्य अध्ययन से जुड़ता है?
सीधे तौर पर ज़्यादा नहीं, इसलिए इसे अपने उत्तर-लेखन अभ्यास के साथ अलग हिस्से की तरह प्लान करें।
क्या किसी भी विषय में स्नातक होने पर यह वैकल्पिक विषय चुना जा सकता है?
हाँ। UPSC स्नातक के विषय से अलग भी सूची का कोई भी वैकल्पिक विषय चुनने देता है। आमतौर पर रुचि, उपलब्ध सामग्री और GS से जुड़ाव से फ़ैसला होता है।
क्या Daily Tayyari मुफ़्त है और हिंदी में चलता है?
हाँ। यह मुफ़्त है, न विज्ञापन, न पेमेंट; Google से साइन-इन सिर्फ़ इसलिए ताकि आपका प्लान सेव रहे। भाषा कभी भी हिंदी या English में बदली जा सकती है, और अध्यायों के नाम दोनों भाषाओं में दिखते हैं।